> डरपोक सोनू पंचतंत्र मोरल स्टोरी

डरपोक सोनू पंचतंत्र मोरल स्टोरी

    

    Panchtantra ethical Story सोनू बड़ा डरपोक व्यक्ति था। वह छोटी से छोटी आवाज से भी डर जाता था। एक दिन शाही संदेशवाहक ने पूरे गाँव में घोषणा की, “राजा ने राज्य के प्रत्येक युवा को शाही फौज में भर्ती होने का आदेश दिया है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है।” सोनू राजा की आज्ञा मानने के लिए मजबूर था। इसलिए वह शाही फौज में भर्ती होने के लिए चल पड़ा। रास्ते में जब वह एक जंगल से जा रहा था, तब उसे एक विशालकाय पेड़ के ऊपर बहुत से कौवे बैठे दिखाई दिए। वे बहुत अधिक शोर मचा रहे थे कौओं की आवाज सुनकर सोनू डर कर वहीं पर रुक गया। पिता का प्यार वह आगे बढ़ने की कोशिश करता, परन्तु उसके पैर उसका साथ नहीं दे रहे थे सोनू वास्तव में बहुत ज्यादा डरपोक था। उसे लगा कि वे कौए उसे मार डालेंगे। ” इससे साबित होता है कि वह शाही सेना के योग्य ही नहीं था। इसलिए व्यक्ति को वही कार्य करना चाहिए, जिसके वह योग्य हो। आपको यह कहानी कैसी लगी हमें कमेंट करके बताएं और आपके दोस्तो को भी शेयर करे। डरपोक सोनू पंचतंत्र मोरल स्टोरी 

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