Mahakaal Shayari
माया को चाहने वाला बिखर जाता है और मेरे महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है।
पढ़िए👇
तिलकधारी सब पे भारी Mahakaal Shayari
Maya ko chahne wala bikhar jata hai aur mere Mahakal ko chahane wala nikhar jata hai
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Mahakaal Shayari
माया को चाहने वाला बिखर जाता है और मेरे महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है।
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तिलकधारी सब पे भारी Mahakaal Shayari
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